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KBC में 5 करोड़ जीतने वाले सुशील कुमार खुद के कंगाली के खबर से हुए परेशान, कही यह बात

दोस्तों हम सभी बिहार के रहने वाले सुशील कुमार को जानते ही होंगे। जी हां दोस्तों वही सुशील कुमार जिन्होंने कौन बनेगा करोड़पति के पांचवें सीजन में विजेता बनकर 5 करोड रुपए की राशि अपने नाम कर ली थी। सुशील कुमार बिहार के मोतिहारी यानी पूर्वी चंपारण के रहने वाले हैं। सुशील कुमार की तस्वीरें इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी वायरल होती है जिनमें बहुत ही सादगी भरे अंदाज में दिखाई देते हैं। सुशील कुमार की उनकी तस्वीरों को देखकर लोग तरह-तरह की बातें करते हैं। लोगों का कहना है कि सुशील कुमार ने अपने पूरे पैसे उड़ा दिए और वे पूरे कंगाल हो चुके हैं।

सादगी भरी जिंदगी जीना पसंद करते हैं सुशील कुमार

क्या सच में सुशील कुमार कंगाल हो चुके हैं? जी नहीं दोस्तों दरअसल सुशील कुमार ने खुद इस बात का जवाब दिया था। सुशील कुमार एक बहुत ही सादगी भरी जिंदगी जीने वाले व्यक्ति हैं और वे एक आदर्शवादी व्यक्ति है। आमतौर पर देखा जाता है कि जिस व्यक्ति के पास पैसा आ जाता है तो उसके लाइफस्टाइल ही बदल जाती है। महंगी गाड़ी, बड़े घर और महंगे कपड़े, जूते पहनकर काफी शाइनिंग मारता घूमता है लेकिन इसके उलट सुशील कुमार ने 5 करोड़ जीतने के बावजूद भी अपनी सादगी भरी जिंदगी को नहीं छोड़ा और उसी पर वे कायम रहे।

इस प्रकार से उड़ी थी सुशील कुमार के कंगाल होने की अफवाह

उनकी इसी सादगी पर लोग अलग-अलग प्रकार के सवाल खड़े करने लगे। इसलिए कोई पत्रकार भी उनसे इस पर सवाल पूछने के लिए पहुंच गया। उस पत्रकार को मजाकिया अंदाज में जवाब देते हुए सुशील कुमार ने कह दिया था कि भाई पूरा पैसा खत्म हो गया। उसी बात को हवा मिल गई और लोग कहने लगे कि सुशील कुमार ने पूरा पैसा उड़ा दिया और अब यह कंगाल हो चुके हैं। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। सुशील कुमार के पास आज भी बहुत सारी रकम रखी गई है क्योंकि उन्हें फिजूलखर्ची करने की बिल्कुल भी आदत नहीं है।

समाज सेवा के सराहनीय कार्य कर रहे हैं सुशील कुमार

यदि सुशील कुमार की रूचि की बात की जाए तो उन्हें सामाजिक कार्य करने में काफी रूचि है। वर्तमान में सुशील कुमार अपने गांव मोतिहारी में चंपा से चंपारण नाम की एक मुहिम चला रहे हैं जिसके तहत वे अपने पूरे इलाके में चंपा के पौधे लगाने का काम खुद के खर्च से कर रहे हैं। इसके साथ ही पर गौरैया चिड़िया को बचाने का भी एक अद्भुत अभियान चला रहे हैं जिसके तहत वे गांव गांव जाकर लोगों को इस चिड़िया को बचाने के लिए जागृत करते हैं। इतना ही नहीं सुशील कुमार ने अपने इलाके के 100 महादलित बच्चों को एक प्रकार से गोद लिया और उन बच्चों के पढ़ाई लिखाई का पूरा खर्च सुशील कुमार खुद के जेब से करते हैं।

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Harsh

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