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कौन है राजबहादुर? जिन्हें अभिनेता रजनीकांत ने समर्पित किया अपना दादा साहब फाल्के अवार्ड

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हाल ही में 67 वे राष्ट्रीय फिल्म अवार्ड का आयोजन किया गया था। इस अवॉर्ड फंक्शन में सुपरस्टार रजनीकांत को दादा साहब फाल्के अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस अवार्ड को लेने के बाद सुपरस्टार रजनीकांत ने एक विशेष व्यक्ति का नाम लेकर अपना अवार्ड उन्हें समर्पित किया। रजनीकांत ने कहा कि मै यह दादा साहब फाल्के अवार्ड मेरे दोस्त राजबहादुर को समर्पित करता है। आखिर यह राजबहादुर है कौन? आइए जानते हैं इस लेख में।

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राजबहादुर सुपरस्टार रजनीकांत के 50 वर्ष पुराने मित्र हैं। जानकारी के अनुसार जब रजनीकांत बस में कंडक्टर हुआ करते थे उस समय राजबहादुर उसी बस के ड्राइवर से। राजबहादुर और रजनीकांत की दोस्ती साल 1970 में हुई थी। राजबहादुर और रजनीकांत में काफी गहरी दोस्ती हो गई थी। रजनीकांत कई मौकों पर अपने इस पुराने दोस्त को याद कर चुके हैं। वही राजबहादुर भी रजनीकांत को बहुत याद करते हैं।

जानकारी के अनुसार राजबहादुर ने ही रजनीकांत को कंडक्टर की नौकरी छोड़कर एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने के लिए प्रेरित किया था। बताया जाता है कि उस समय राजबहादुर को बस में ₹400 पगार मिलता था। रजनीकांत के अंदर का एक्टिंग टैलेंट देखते हुए राजबहादुर ने ही उन्हें तमिलनाडु भेजकर एक्टिंग के लिए कोचिंग क्लास ज्वाइन करने की सलाह दी थी। रजनीकांत में भी ऐसा ही किया और राजबहादुर के कहने पर वे तमिलनाडु की एक एक्टिंग सिखाने वाली कोचिंग क्लास में चले गए जहां पर उन्होंने 2 वर्षों तक एक्टिंग सीखी। इस दौरान राजबहादुर उन्हें अपनी ₹400 पगार में से ₹200 भेजा करते थे। इस बात का जिक्र स्वयं रजनीकांत ने किया है।

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2 साल तक एक्टिंग सीखने के बाद वहीं पर एक बड़े शो में रजनीकांत को एक्टिंग करने के लिए चुना गया। उस शो में उस समय के प्रमुख निर्माता के. बालाचंद्रन भी उपस्थित थे। उन्होंने रजनीकांत की एक्टिंग देखी और बहुत प्रभावित हुए। तभी उन्होंने रजनीकांत से मिलकर उन्हें तमिल सीखने की बात कही। रजनीकांत ने बालाचंद्रन के द्वारा कहीं यह बात आकर राज बहादुर को बताई। राजबहादुर ने उन्हें कहा कि वह उन्हें तमिल भाषा सिखाएंगे और तब राजबहादुर ने रजनीकांत को तमिल भाषा सिखाई। जिसके बाद रजनीकांत धड़ल्ले से तमिल भाषा बोलने लगे।

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राजबहादुर के रजनीकांत के ऊपर बहुत सारे एहसान हैं और रजनीकांत उन एहसानों को आज तक भूले नहीं है। आज भी रजनीकांत राजबहादुर को बिना बताए अचानक उनके घर पहुंच कर उन्हें सरप्राइस देते रहते हैं। सामान्य लोगों से बचने के लिए अक्सर रजनीकांत भेज बदलकर राज बहादुर के घर उनसे मिलने पहुंच जाते हैं। राजबहादुर अपने भाई के परिवार के साथ रहते हैं और बहुत ही सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

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Published by
Harsh

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