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रास्ते पर मिले 38 लाख युवक ने इमानदारी से लौटा दिए, ईमानदारी का मिला बड़ा इनाम

दोस्तों आज के समय में जब हर व्यक्ति पैसा कमाने के पीछे भाग रहा है ऐसे में कुछ लोग पैसे कमाने के लिए किसी भी हद को पार कर जाते हैं लेकिन आज भी कई ऐसे ईमानदार लोग इस दुनिया में हैं जिनकी ईमानदारी को देखकर उनकी सराहना करने का मन होता है। ऐसे ही एक 19 साल के लड़के ने ईमानदारी की अनोखी मिसाल पेश की जिसके लिए बाद में उसे काफी जबरदस्त इनाम भी दिया गया। जी हां दोस्तों एक 19 साल के लड़के को रास्ते पर 38 लाख रुपए से भरा हुआ बैग मिला। वह गरीब लड़का चाहता तो उस बैग को अपने पास रख लेता लेकिन उसने वह सारे पैसे जिसके थे उसे लौटा दिए।

रास्ते पर मिले थे 38 लाख के नोट

पश्चिमी अफ्रीका के लाइबेरिया का रहने वाला मैन्युअल टूलो 19 साल का लड़का है उसके घर की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब है इसलिए वह मोटर बाइक टैक्सी ड्राइवर का काम करके अपना आर्थिक गुजर-बसर करता है। 1 दिन संजोग से उसे रास्ते पर चलते हुए पैसों से भरा हुआ बैग मिला जिसमें कुछ लाइब्रेरियन नोट्स थे और कुछ अमेरिकी नोट्स थे। पैसे गिनने पर पता चला कि यह कुल 38 लाख रुपए है। टूलो उस बात को अपने घर ले गया और चाची से कहा कि यह पैसे अगर कोई रेडियो सिटी पर अपील करता है तो उसे लौटा देंगे। फूलों के इस फैसले को सुनकर काफी सारे लोग उसका मजाक भी बनाने लगे और उसे बेवकूफ कहने लगे। लेकिन वह अपनी इमानदारी से कोई समझौता नहीं करना चाहता था।

ईमानदारी का मिला बड़ा इनाम

आखिरकार वह पैसे उसने लौटा दिए जिसके बदले में उसे काफी ज्यादा प्रशंसा मिली और देश के राष्ट्रपति ने उसे इनाम के तौर पर आठ लाख रुपए भी दी है। इतना ही नहीं वहां के एक मशहूर स्कूल में उसका दाखिला भी करवा दिया और अब टूलो स्कूल में अपने पर 6 साल छोटे बच्चों के साथ पढ़ाई करने लगा है। इतना ही नहीं अमेरिका की एक नामचीन यूनिवर्सिटी के द्वारा यह भी ऐलान किया गया कि टुलो का ग्रेजुएशन खत्म होने के बाद वे उसे स्कॉलरशिप दी प्रदान करेंगे। इतना ही नहीं इस ईमानदार लड़के ने जिसके पैसे लौटाए उस व्यक्ति ने भी उसे इनाम के तौर पर एक लाख रुपए दिए।

9 साल की उम्र में पिता की मृत्यु

बता दें कि इस लड़के के पिता की मृत्यु कब हो गई थी जब वह 9 साल का था। इसलिए परिवार की पूरी जिम्मेदारी उसके कंधे पर आ गई और वह अपनी चाची के साथ रहने पर मजबूर हो गया। यह लड़का पहले से ही अच्छी पढ़ाई करना चाहता था लेकिन परिस्थिति ने उसे पढ़ने से वंचित कर दिया। उसने कहा कि वह एकाउंटिंग की पढ़ाई करना चाहता है ताकि अपने देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने में वह आगे चलकर योगदान दे सके। हालांकि अब उसे अच्छी स्कूल में दाखिला मिल गया है और वह अपनी इमानदारी के इस फल से काफी ज्यादा खुश है।

 

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Published by
Harsh

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