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घर-घर जाकर लोगों की समस्या सुनते हैं यह IAS अफसर, सुलझा चुके हैं करीब 800 मामले

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हम सभी के मन में आए अफसर के प्रति एक अलग ही छवि बनी होती है। सामान्य रूप से सामान्य लोगों को लगता है कि आई ए एस अफसर यानी बहुत ही ठाट बाट वाली नौकरी होती है और आईएएस अफसर का काम केवल उसके दफ्तर के चारदीवारी के अंदर ही सीमित होता है परंतु आज हम आपको एक से एक आईएएस अफसर के बारे में बताने जा रहे हैं जो अपने कार्य क्षेत्र में स्वयं लोगों के घर-घर जाकर उनके विवादों का निपटारा करने में जुटे हैं।

हम बात कर रहे हैं यूपी के चंदौली के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आईएएस अफसर ओमप्रकाश मीणा की। जानकारी के अनुसार ओमप्रकाश मीणा अपने कार्य क्षेत्र में एक अनोखी पहल चला रहे हैं। इस पहल के तहत वे अपने हर क्षेत्र में लोगों के घर घर जा रहे हैं और उनके जमीनों से जुड़े हुए विवाद और अतिक्रमण से जुड़े हुए विवाद को समझ कर तुरंत उन्हें न्याय दिलवाने का प्रयास कर रहे हैं और मामले पर फैसला सुना रहे हैं।

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ओमप्रकाश मीणा के द्वारा चलाई जा रही इस अनोखी मुहिम की उनके कार्यक्षेत्र में काफी अभिनंदन और प्रशंसा हो रही है। बताया जा रहा है कि बीते 14 अक्टूबर को ओमप्रकाश मीणा ने कुल 16 मामलों का निपटारा किया। इस मुहिम के तहत वे अभी तक 800 मामले निपटा चुके हैं। ओमप्रकाश मीणा का मानना है कि उन्हें सरकार के द्वारा आईएएस अफसर का दायित्व लोगों की सेवा करने के लिए ही मिला है ना कि दफ्तर में बैठकर काम करने के लिए। उन्होंने बताया कि उन्हें इस प्रकार से काम करने में अधिक रूचि है।

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ओमप्रकाश मीणा का जन्म राजस्थान के अलवर जिले में हुआ था। उन्होंने जयपुर से केमिकल इंजीनियरिंग में अपनी पढ़ाई कंप्लीट की। बाद में ओमप्रकाश मीणा आईआईटी मुंबई से एमटेक करने के लिए गए और एमटेक करने के बाद ही उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। ओम प्रकाश मीणा पढ़ने में इतनी निपुणता कि उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी पास कर ली और ऑल इंडिया रैंक 900 प्राप्त की। परंतु वे इस सफलता से भी संतुष्ट नहीं थे इसलिए उन्होंने पुनः एक बार यूपीएससी की परीक्षा देने की ठानी और अगली बार उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 102 प्राप्त करके आए इसका पद अपने लिए आरक्षित कर लिया।

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Published by
Harsh

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