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बेटे और बहुओं के पास है सरकारी नौकरी, इसके बावजूद मां एक समय की रोटी के लिए मोहताज

कलयुग में कहीं पर मां बाप धन संपत्ति और बेटे बहु के साथ से समृद्ध जीवन व्यतीत कर रहे हैं तो कहीं मां बाप किसी मुद्दा श्रम में अपने बुढ़ापे के अंतिम क्षण जम रहे हैं। आए दिन खबरों में हम देखते आ रहे हैं कि कहीं पर एक बेटा अपनी मां के जन्मदिन पर उसे हेलीकॉप्टर की सैर करवा रहा है तो कहीं पर बेटे अपनी मां की पिटाई कर रहे हैं। ऐसी अजीबोगरीब परिस्थितियां देखने पर बहुत ही विचित्र सा लगता है कि जिस माता-पिता ने हमारा पालन पोषण किया, हमें पढ़ाया लिखाया और इस काबिल बनाया कि आज हम अपने पैरों पर खड़े हो पाएं, उन्हीं माता-पिता को हम एक वक्त की रोटी भी ना दे पाए।

भास्कर डॉट कॉम के खबर के अनुसार राजस्थान के भरतपुर जिले के हिसामड़ा गांव से एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण खबर सामने आई है। महादेवी नाम की एक बुजुर्ग महिला जिसके दो बेटे और दो बहुए होने के बावजूद भी उसे दो समय की रोटी भी नसीब नहीं हो पा रही है। बुजुर्ग मां ने बताया कि उसके दो बेटे हैं जिन्हें बचपन से पाल पोस कर और पढ़ा लिखा कर उसने बड़ा बनाया। पढ़ लिख कर बैठे वायु सेना में भर्ती हो गए। सरकारी नौकरी लगने के बाद बेटों की शादी कराई। सौभाग्य से दोनों बेटों को जो पत्नियां मिली वह भी सरकारी नौकरी पर है। बावजूद इसके दोनों बेटों और बहुओं को अपनी मां को दो समय की रोटी भी खिलाना गवारा लग रहा है।

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बुजुर्ग मां ने बताया कि 1 वर्ष पहले उसके पति का देहांत हो चुका है। मरने से पहले महिला के पति ने दोनों बेटों से लिखित में यह लिखवा कर लिया था कि वे दोनों अपनी मां की अच्छे से देखभाल करेंगे। मां को किसी भी प्रकार का कष्ट नहीं होने देंगे। और यह भी वचन लिया था कि प्रतिमाह दोनों बेटे अपनी मां को से 6 – 6 हजार रुपये देते रहेंगे। परंतु पिता के देहांत के साथ ही दोनों बेटे अपना कर्तव्य भूल गए और वचन भी तोड़ दिया आज परिस्थिति यह हो चुकी है कि मां मदद मांगने के लिए दरबदर भटक रही है।

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अपने दोनों बेटों की शिकायत लेकर महादेवी संभागीय आयुक्त के कार्यालय पहुंची। आपको जानकर के हैरानी होगी संभागीय आयुक्त कार्यालय महादेवी के गांव से करीब 30 किलोमीटर दूर है। महादेवी के पास पैसे ना होने के कारण बुजुर्ग महिला पैदल ही 30 किलोमीटर चलते हुए संभागीय आयुक्त पीसी बेरवाल के पास अपनी शिकायत लेकर पहुंच गई। पीसी बेरवाल को अपनी दुख भरी दास्तान सुनाएं। संभागीय आयुक्त पीसी बेरवाल ने तुरंत ही दैनिक एसडीएम को पीड़ित महिला की मदद करने के लिए आदेश दिए और 15 दिनों के अंदर दोनों बेटों से संपर्क करके आगे की कार्यवाही करने के लिए भी निर्देश दिए हैं। फिलहाल महादेवी अपनी बहन के घर पर रह रहे हैं। महादेवी की बहन उसी गांव में रहने वाली है।

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