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जरा हटके

सम्मान के साथ सड़कों पर गिरे हुए झंडे उठता है युवक, जमा कर चूका है 1 लाख से ज्यादा तिरंगे

हमारे देश के लोगों की एक बहुत ही अजीब खासियत है। हम लोगों की देशभक्ति केवल राष्ट्रीय उत्सव या स्वतंत्रता सेनानियों की जयंती पर ही जागरूक होती है। प्रतिवर्ष हम देखते हैं गणतंत्र दिवस को या स्वतंत्रता दिवस, देश के लोगों में राष्ट्रभक्ति का एक ज्वार उमड़ पड़ता है। परंतु यह राष्ट्रभक्ति हम सब के आचरण में दिखाई नहीं देती। हम ऐसा इसलिए कह सकते हैं क्योंकि स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रभक्ति का दिखावा करने के लिए हम रास्तों पर और चौराहों से तिरंगे झंडे खरीदते हैं और जैसे ही हमारी राष्ट्रभक्ति का नशा उतर जाता है अगली सुबह वही तिरंगे झंडे उन्हीं रास्तों पर लोगों के पैरों तले कुचल ते हुए दिखाई देते हैं।

इस लेख में हम एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके मन में राष्ट्रभक्ति साल के 365 दिन जागृत रहती है। दरसल यह शख्स पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के रहने वाले हैं। इस शख्स का नाम है प्रियो रंजन। प्रियो रंजन हर स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस पर सुर्खियों में आ ही जाते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि प्रियोरंजन वह काम करते हैं जिसे हम नजरअंदाज कर देते हैं। प्रयोरंजन स्वतंत्रता दिवस के पश्चात रास्तों पर पड़े हुए तिरंगे झंडे को इकट्ठा करने का काम करते हैं। प्रियोरंजन यह काम बहुत वर्षों से करते आ रहे हैं। कहा जाता है कि पियो रंजन के पास रास्तों पर फेंके हुए झंडे इकट्ठा करते हुए लगभग एक लाख झंडे इकट्ठा हो चुके हैं।

न्यूज़ 18 रिपोर्ट के मुताबिक, प्रियोरंजन से पूछने पर उन्होंने बताया कि ऐसा काम करने के लिए उनकी प्रेरणा का स्त्रोत उनकी मां और दादी है। प्रियोरंजन मैंने बताया कि उनकी मां और दादी हमेशा से ही उन्हें राष्ट्रध्वज का सम्मान करने के लिए प्रेरित करती है। प्रियोरंजन प्रतिवर्ष स्वतंत्रता दिवस पर अपने घर के बाहर झंडा फहराते हैं। उनके इस ध्वजारोहण कार्यक्रम में और भी कई लोग आते हैं।

इस अवसर पर प्रियोरंजन सभी को राष्ट्रध्वज का सम्मान करने के लिए और उसकी गरिमा बनाए रखने के लिए जागृत करते हैं। बता दें कि प्रियोरंजन को उनके गांव के लोग फ्लैग मैन कहकर भी बुलाते हैं। उन्हें यह नाम अपने इस राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत भरे हुए कार्य के लिए ही मिला है।

आज के समय में देश के हर नागरिक को प्रियोरंजन जैसे ही प्रखर राष्ट्रभक्त बनने की आवश्यकता है। हम सबको यहां सतर्कता बरतनी चाहिए कि हम अपने राष्ट्र ध्वज का अपमान ना होने दें। यदि संभव हो तो प्लास्टिक का ध्वज ना खरीद कर कपड़े का ध्वज ही खरीदें। ऐसा करने के 3 फायदे हो सकते हैं। पहला यह कि राष्ट्रध्वज को फेंकना नहीं पड़ेगा और उसका अपमान नहीं होगा। दूसरा यह कि प्लास्टिक का उपयोग ना करने से पर्यावरण का भी नुकसान नहीं होगा और तीसरा फायदा यह की प्रतिवर्ष आपको नया ध्वज खरीदने के लिए पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे। अपना राष्ट्रध्वज देश के प्रत्येक नागरिक के लिए आन बान शान और स्वाभिमान का प्रतीक होना चाहिए। इसीलिए हम सब को यह सतर्कता बरतनी चाहिए कि गलती से भी हमसे अपने राष्ट्रध्वज का अपमान ना हो पाए।

फोटो क्रेडिट: न्यूज़ 18 

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