धर्म

मेहंदीपुर बालाजी का प्रसाद घर नहीं ले जा सकते, जाने इसके पीछे का कारण

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हमारे देश में कई ऐसे मंदिर है जिनके साथ कई बड़े-बड़े राज छुपे हुए हैं। कई ऐसे मंदिर हैं जिनके साथ कुछ रोचक तथ्य जुड़े हुए हैं। कई मंदिरों के पीछे जुड़े हुए इन रोचक तथ्यों के साथ पौराणिक कथाएं जुड़ी हुई है। अनेक मंदिरों के लिए अनेक प्रकार की मान्यताएं हैं और इन मान्यताओं का पालन यहां पर आने वाले श्रद्धालु बड़े ही आदर भाव से करते हैं। ऐसा ही एक मंदिर है राजस्थान के दौसा जिले में स्थित मेहंदीपुर बालाजी मंदिर।

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जानकारी के अनुसार मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में भूत प्रेत बाधा और नकारात्मक शक्तियों के प्रभाव से मुक्ति मिलती है। इस मंदिर में प्रेतराज सरकार और भैरव बाबा की प्रतिमाएं हैं। यह मंदिर बहुत ही चमत्कारी मंदिर माना जाता है और यहां पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगती है। इसके साथ ही इस मंदिर के साथ कई सारी मान्यताएं जुड़ी हुई है और उन मान्यताओं के पीछे कुछ रोचक तथ्य जुड़े हुए हैं। तो आइए हम जानते हैं इस लेख में वह कौन सी मान्यताएं हैं जिन्हे श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ पालन करते हैं।

घर नहीं ले जा सकते प्रसाद

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बताया जाता है कि मेहंदीपुर बालाजी जाने वाले श्रद्धालु वहां पर दिया जाने वाला प्रसाद अपने घर नहीं ला सकते। इतना ही नहीं वहां पर मिलने वाली किसी भी चीज को श्रद्धालु अपने घर नहीं लेकर आ सकते। क्योंकि ऐसी मान्यता है कि यदि आप वहां पर मिली किसी भी चीज को घर लाते हो तो आपके साथ एक नकारात्मक ऊपर साया भी आपके घर चला आता है।

इन चीजों से करना पड़ता है परहेज

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जानकारी के अनुसार मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं को एक हफ्ते तक मांस मच्छी अंडा और शराब से दूर रहना पड़ता है। इतना ही नहीं आपको एक हफ्ते तक प्याज और लहसुन वाला भोजन भी नहीं करना चाहिए।

मूर्ति की छाती में है छेद

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बताया जाता है कि मेहंदीपुर बालाजी में स्थित बालाजी महाराज की प्रतिमा की छाती में एक छोटा सा छेद है। इस छेद में से हमेशा पानी रिसता रहता है। बताया जाता है कि वह पानी नहीं बल्कि बालाजी महाराज का पसीना है।

भूत बाधा से मिलती है मुक्ति

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बताया जाता है कि मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में भूत प्रेत विकार से मुक्ति मिलती है। यहां पर स्थित प्रेतराज सरकार की मूर्ति के समक्ष रोज दोपहर 2:00 बजे कीर्तन होता है जहां पर भूत प्रेत बाधा से ग्रसित व्यक्ति को 2:00 बजे हाजिरी लगानी पड़ती है।

बालस्वरूप में है हनुमान जी

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मेहंदीपुर बालाजी हनुमान जी का बाल स्वरूप है। इस मूर्ति के पास प्रभु श्री राम और माता जानकी की मूर्ति है। बताया जाता है कि बालाजी महाराज प्रभु श्री राम और माता जानकी की उपासना यहां पर कर रहे हैं।

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Harsh

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