धर्म

भारत के इन मंदिरों में दर्शन के लिये जा सकती है सिर्फ औरते, पुरुषो को नही मिलती एंट्री

भारत एक विविध संस्कृति वाला देश है, जहा पर यहाँ के लोगों, संस्कृति और मौसम में प्रमुखता दिखाई पड़ती है. भारतीय संस्कृति को विश्व की संस्कृति की जननी माना जाता है. बोल-चाल, खान-पान, रहन-सहन और अपनी सोच-विचारधारा हर जगह पर भारत ने अपना एक अव्वल स्थान बनाया है. यहाँ की संस्कृति को विश्व की प्राचीनतम संस्कृति माना गया है. इस देश में यह के प्राचीनतम मंदिरों को बहुत महत्त्व दिया गया है. लोगों की अपने-अपने ईश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा को लेकर इस देश में कई जाति और धर्म के लोगों को एक साथ रहते देखा जा सकता है.

यहाँ के हर मंदिरों में कुछ न कुछ खास बाते है, जिसकी वजह से हर दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रहती है. लोग इन मंदिरों में शांति और दिव्य शक्ति का अनुभव करने के लिए चले जाते है. ईश्वर के प्रति अपनी श्रद्धा से वे अपनी दुखों को कम करते है और एक नए मार्ग की तलाश करते फिरते है. लेकिन कैसा होगा अगर आपका प्रवेश इन मंदिरों म वर्जित हो? जी हाँ, हमारे देश में ऐसे बहुत से मंदिर है, जहा पर पुरुषों को ही जाने की अनुमति होती है, लेकिन ऐसे भी मंदिर है जहा पर सिर्फ महिलाये ही दर्शन के लिए जा सकती है.
तो आइये जानते है ऐसे मंदिरों के बारे में जहा पर पुरुषों का जाना पूर्ण रूप से वर्जित है:

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कुमारी अम्मन मंदिर


यह मंदिर तमिलनाडू के कन्याकुमारी में समुद्र तट पर स्थित है. यह मंदिर देवी कन्या कुमारी घर है, इसीलिए इन्हें वर्जिन देवी के रूप में जाना जाता है और इस मंदिर को कन्याकुमारी मंदिर कहा जाता है. हर साल यहा पर देश-विदेश से लाखों यात्री आते है और भगवती दुर्गा प्रतिमा के दर्शन कर जाते है. इस मंदिर में स्थित प्रतिमा की खास बात यह है कि वह गर्भगृह स्थान में मौजूद है. प्राचीन मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि माता पार्वती ने भगवान् शिव को प्राप्त करने के लिए यही पर कड़ी तपस्या की थी, जिसके बाद वे उन्हें पति रूप में प्राप्त हुए थे. यहाँ पर दर्शन के लिए सिर्फ महिलाओं को ही अनुमति है.

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 ब्रम्हाजी का मंदिर


राजस्थान के पुष्कर जिले में स्थित ब्रम्हाजी का मंदिर अपनी अनोखी कारीगरी और भव्यता के लिए प्रसिद्ध है. पुरानी मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर को माता सरस्वती से एक ऐसा श्राप मिला हुआ है, जिसके कारण कोई भी शादीशुदा व्यक्ति इसमे दर्शन के लिए नहीं जा सकता है. अगर फिर भी कोई चला जाये तो उन्हें अपने वैवाहिक जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. यह मंदिर पूरे विश्व में एक ही है.

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 कामाख्या देवी मंदिर


यह प्राचीन मंदिर देवी सती का मंदिर है, जो असम की राजधानी दिसपुर के पास गुहावटी से 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. भारत का यह प्रसिद्ध मंदिर 51 शक्तिपीठों में सर्वोच्च है. इस मंदिर में पूजा के लिए सिर्फ महिलाओं की ही आने दिया जाता है. मंदिर की खास बात है कि यहाँ की पुजारी भी स्वयं एक महिला है. यहाँ पर पुरुषों का आना वर्जित है. यही पर माँ भगवती का योनी-कुंड भी स्थित है.

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Published by
Yuvraj Solanki

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