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सरकारी महिला कर्मचारी खिलाती है गरीब लोगों खाना, खेतों में भी करती है काम

हमारे देश में जन सेवा करने के संस्कार जन्मजात रूप से ही लोगों के अंदर शामिल होते हैं। देश के हर कोने में से कहीं ना कहीं समाज के भलाई का काम करते हुए लोह नजर आ जाते हैं। ऐसी ही एक महिला सरकारी कर्मचारी है जो अपने बचपन से ही लोगों के लिए काम करते आ रहे हैं लोगों को खाना खिलाती है और मजदूरों का दुख दर्द समझने के लिए खेतों में भी काम करती है।

जी हां दोस्तों हम बात कर रहे हैं तेलंगाना के मुलुगू जिले में रहने वाली तस्लीमा मोहम्मद की। तस्लीमा मोहम्मद मुलुगू जिले में सब रजिस्ट्रार का काम करती है। जानकारी के मुताबिक तस्लीमा सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद भी गरीब और भूखे लोगों का पेट भरने का काम करती है। तस्लीमा यह काम बचपन से करती आ रही है। तस्लीमा मोहम्मद आर्थिक रूप से सक्षम है और इसीलिए वे अपनी कमाई का कुछ हिस्सा गरीबों में बांट देती है।

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तस्लीमा जिला पंजीकरण एवं स्टाम्प विभाग के ग्रुप 2 में गजेटेड ऑफिसर के रूप में कार्यरत है। तस्लीमा लोगों का पेट भरने के अलावा लापता लोगों को ढूंढने का भी काम करती है। तस्लीमा ने अब तक कई लापता लोगों को उनके परिवार वालों से मिलाने का काम किया है। तसलीमा मोहम्मद अपने इलाके में सरकारी कर्मचारी होने से भी ज्यादा एक समाजसेवी के रूप में प्रसिद्ध है।

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तस्लीमा मोहम्मद तेलंगाना राज्य के मूलुगू जिले में रामचंद्रपुरम में जन्मी है। तस्लीमा मोहम्मद की उम्र 36 वर्ष है और उन्होंने ऑर्गेनिक केमिस्ट्री से पोस्ट ग्रेजुएशन किया हुआ है। साल 2010 में तस्लीमा मोहम्मद सरकारी सेवा में ज्वाइन कर चुकी थी। तस्लीमा मोहम्मद ने बताया कि उन्हें लोगों की सेवा करने के लिए प्रेरणा उनके पिता से मिली है। तस्लीमा बचपन से ही लोगों की मदद करने के लिए तत्पर रहती थी और बचपन से ही वे जन कल्याण का काम करती आ रही है

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लोगों की मदद करने के अलावा तस्लीमा अपनी नौकरी से समय निकालकर खेतों में भी मजदूर की तरह काम करने के लिए जाती है। दरसल ऐसा करने के पीछे तस्लीमा का यह मकसद है कि वह जानना चाहती है कि खेतों में काम करने वाले मजदूरों की क्या परिस्थिति है। खेतों में काम करने के बाद जो ₹250 तस्लीमा को मिलते हैं सलीमा उन पैसों में अपनी तरफ से भी कुछ पैसे ऐड करके उन्हें मजदूरों में बांट देती है।

तस्लीमा ने कोरोना महामारी के समय लोगों की काफी मदद की। कोरोना महामारी के समय जब लॉक डाउन लग गया था तब तस्लीमा ने जरूरतमंद लोगों को राशन पहुंचाने का काम किया। लॉकडाउन के दौरान तस्लीमा ने कई गरीब बच्चों की फिस भी भरी इसके साथ ही तस्लीमा ने कई गरीब लोगों को अस्पताल की सुविधा के लिए भी मदद की।

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