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जर्मनी के दूल्हे और रूस की दुल्हन ने भारत के हिंदू परंपरा के अनुसार शादी

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जैसे जैसे दुनिया आधुनिकता की ओर बढ़ती जा रही है वैसे-वैसे लोग भारतीय संस्कृति और सभ्यता काफी समुचित अनुकरण करने लगे हैं। भागदौड़ भरी इस दुनिया में शांति की खोज करने के लिए लोग भारत की आते हैं। इसी प्रकार शांति की खोज में भारत आए हुए जर्मनी के क्रिस मुलर ने हाल ही में पूरे हिंदू रीति-रिवाजों के साथ गुजरात के अहमदाबाद में शादी की। उन्होंने रूस की रहने वाली जूलिया उख्वाकातिना के साथ पूरे हिंदू मंत्र उच्चारण और रीति-रिवाजों के बीच शादी की।

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आध्यात्मिक की खोज में आए थे भारत

जी हां दोस्तों यह बात जानकर काफी हैरान कर रही होगी कि विदेश में रहने वाले इतने संपन्न परिवार के लोग आखिर भारत में आकर क्यों अपनी शादी कर रहे हैं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि विदेश की विलासिता भरी जिंदगी से मुलर तंग आ गए थे और वे आध्यात्मिक की खोज में भारत की ओर बढ़ चले। मूलर और उनकी पत्नी जूलिया पिछले 3 साल से भारत में ही रह रहे हैं और भारत का अध्यात्मिक दर्शन सीखने का प्रयास कर रहे हैं।

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अहमदाबाद के लाला भाई पटेल ने कराई शादी

इसलिए उन्होंने दुनिया के लगभग सभी देशों को ठीक तरीके से देखने के बाद भारतीय दर्शन को स्वीकार किया। गुजरात के अहमदाबाद में स्थित सरोदिया गांव में लाला भाई पटेल से जाकर मिले। लाला भाई पटेल नहीं उन दोनों की शादी पूरे भारतीय परंपरा के अनुसार कराई। इस शादी में दूल्हा दुल्हन के माता-पिता नहीं आ पाए क्योंकि कोरोना महामारी के चलते नियम लागू होने की वजह से उन्हें शादी में शामिल होने का सौभाग्य नहीं मिला। इसलिए लाला भाई पटेल और उनकी पत्नी ने ही मूलर और जूलिया की शादी करवाई।

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घर बार छोड़कर आए थे भारत

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इस शादी में गुजरात के सरोदिया गांव के रहने वाले सभी लोग भी शामिल हुए। बरात सरोदिया गांव के ही पास एक दूसरे गांव रवाना हुई। गांव में बारात की अगवानी उसी गांव के लोगों के द्वारा की गई। बता देगी अध्यात्म की खोज मूल्य को इस कदर दीवाना कर गए कि उन्होंने अपना घर दार तक छोड़ दिया। उन्होंने अपनी बेशकीमती कार बेच दी और वह आध्यात्म की खोज में भारत की ओर चल पड़े। दोस्तों आज के समय में जब हम भी आधुनिकता की चपेट में आकर अपनी संस्कृति को भूल रहे हैं ऐसे में मूलर और जूलिया की यह दास्तान हर भारतवासी को अपनी संस्कृति के प्रति आदर व्यक्त करने की प्रेरणा दे सकती है।

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Published by
Harsh

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