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14 सालों में 900 से ज्यादा बार हुए नाकाम, नहीं मानी हार, बना दिखाया हवा से चलने वाला इंजन

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सोशल मीडिया के माध्यम से हम आए दिन कई ऐसी प्रेरक घटनाएं सुनते हैं जिन्हें सुनकर व्यक्ति के अंदर प्रेरणा की नई किरण जागृत होती है। त्रिलोकी नाम के एक व्यक्ति ने अपनी 14 साल की तपस्या से एक ऐसा कारनामा करके दिखाया है कि जिसे देखकर देश के बड़े-बड़े इंजीनियर भी चौक जायेंगे। दोस्तों त्रिलोकी नाम के एक व्यक्ति ने हवा पर चलने वाला इंजन बना कर दिखाया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि यह इंजन बिना किसी इंधन के चलता है जिसके लिए केवल हवा की आवश्यकता होती है।

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त्रिलोकी नाम का यह व्यक्ति नगला कौरई लोधा तहसील किरावली जिला आगरा का रहने वाला है। त्रिलोकी एक सामान्य किसान है और किसानी करते समय ही त्रिलोकी के मन में हवा पर चलने वाला इंजन बनाने का विचार आया। दरअसल एक दिन त्रिलोकी पानी भरने के पंप से अपने कंप्रेसर में हवा भर रहा था। इसी दौरान कंप्रेसर का वॉल टूट गया। जैसे ही कंप्रेसर का वॉल टूटा तो हवा के प्रेशर से कंप्रेसर से जुड़ा हुआ इंजन उलटी दिशा में घूमने लगा। इसे देखकर त्रिलोकी बहुत आश्चर्यचकित हुआ और वहीं से उसने सोचा कि क्यों न ऐसा ही इंजन बनाया जाए जो हवा की ताकत से चलता हो।

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अपनी इस सोच को आकार देने के लिए त्रिलोकी जी जान एक करके जुट गया। वह दिन रात अपनी दुकान में इस आविष्कार को अपनी अंतिम परिणति तक पहुंचाने के लिए लगा रहा। इस दौरान उसने काफी कुछ संघर्ष झेला। अपने इस आविष्कार को पूर्ण करने के लिए त्रिलोकी घर तक नहीं जाता था। बताया जाता है कि त्रिलोकी का भाई उसके लिए दुकान पर ही रोज भोजन लाकर देता था। त्रिलोकी को या इंजन बनाने में एक या दो बार नहीं बल्कि 950 बार विफलता हाथ लगी परंतु बावजूद इसके त्रिलोकी आत्मविश्वास के बल पर लगातार प्रयास करता रहा।

परंतु लगभग 14 वर्षों के बाद त्रिलोकी की तपस्या सफल हो गई और उसने जो आविष्कार करने का सोचा था वह आविष्कार हो गया। त्रिलोकी ने एक ऐसा इंजन बना कर दिखा दिया जो हवा पर चलता है। त्रिलोकी के द्वारा किए गए इस आविष्कार को देखकर उसके गांव के सभी लोग आश्चर्यचकित रह गए। यह वही लोग थे जो त्रिलोकी पर हंसते थे। बता दें कि त्रिलोकी के द्वारा बनाया गया यह इंजन खेतों में और अन्य कई मशीनों में काम आ सकता है। जानकारी के अनुसार आप त्रिलोकी आने वाले समय में बाइक और कार भी हवा पर चलने वाले इंजन के माध्यम से चलाने की कोशिश में जुट गए हैं।

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Published by
Harsh

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